मुखड़ा)
चाँद से परदा कीजिए, कहीं चुरा न ले ये नूर
चाँद से परदा कीजिए, कहीं चुरा न ले ये नूर
ऐ मेरे हुस्न-ए-बेमिसाल, बैठिये ज़रा दूर-दूर
चाँद से परदा कीजिए, कहीं चुरा न ले ये नूर
(अंतरा १)
तुमको जो देख लें सितारे, शर्म से झुक जाएँगे
तुमको जो देख लें सितारे, शर्म से झुक जाएँगे
होश में जो भी आए हैं, वो आज बहक जाएँगे
जाने क्या होगा हाल, देखने वालों का मजबूर
चाँद से परदा कीजिए, कहीं चुरा न ले ये नूर
(अंतरा २)
दिल की धड़कन को अपनी, तुमने ही जगाया है
दिल की धड़कन को अपनी, तुमने ही जगाया है
प्यार के मीठे-मीठे, ख्वाबों से सजाया है
छुप के रहो इस तरह, जैसे हो कोई नूर
चाँद से परदा कीजिए, कहीं चुरा न ले ये नूर
(अंतरा ३)
मेरे भी दिल में एक, अरमान मचलता है
मेरे भी दिल में एक, अरमान मचलता है
देख के तुमको दिल, मेरा जलता है
प्यार की दुनिया में, कोई न हो हमसे दूर
चाँद से परदा कीजिए, कहीं चुरा न ले ये नूर
ऐ मेरे हुस्न-ए-बेमिसाल, बैठिये ज़रा दूर-दूर
चाँद से परदा कीजिए...